
Bihar बिहार: बिहार के भागलपुर जिले में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला पुल का करीब 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। प्रशासन की पहले से की गई सतर्कता के कारण इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, क्योंकि ट्रैफिक को पहले ही रोक दिया गया था।
जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात हुई, जब पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढहकर नदी में समा गया। यह पुल सीमांचल क्षेत्र को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। घटना के बाद इस रूट पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से सीमांचल समेत लगभग 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। अनुमान के मुताबिक, करीब 1 लाख लोगों की रोज़मर्रा की आवाजाही पर इसका असर पड़ा है, जिससे स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर बड़ा दबाव बन गया है।
पिछले 10 वर्षों में विक्रमशिला पुल की तीन बार मरम्मत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद इसकी संरचनात्मक स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस बार हुए हादसे ने पुल की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रोड कंस्ट्रक्शन विभाग के एक कार्यकारी अभियंता को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर रखरखाव और निरीक्षण में कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
भागलपुर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हो रही है, क्योंकि समय रहते ट्रैफिक रोक दिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह कदम पहले नहीं उठाया गया होता, तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था।
बिहार स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि यदि पुलिस और प्रशासन ने समय पर अलर्ट नहीं किया होता, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। उन्होंने बताया कि पुल के मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर संबंधित विभाग को भेज दी गई है।
फिलहाल पुल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इंजीनियरिंग टीम द्वारा क्षति का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों के जरिए यातायात को डायवर्ट करने की व्यवस्था की है, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है और वे जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पुराने और महत्वपूर्ण पुलों की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, विक्रमशिला पुल का यह हादसा एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया, लेकिन अब दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है।





